हर दिन अपने बच्चे को ज़ोर से पढ़कर सुनाएँ
ज़ोर से पढ़कर सुनाना — आपके बच्चे के बोलने से पहले भी — भाषा, कल्पनाशक्ति और सीखने के प्रति आजीवन प्रेम बनाता है।
इसे एक आदत बनाएँ
- सप्ताह में एक बार लंबे सत्र से रोज़ कुछ मिनट बेहतर हैं।
- अपने बच्चे को पन्ने पलटने और तस्वीरों की ओर इशारा करने दें।
- अलग-अलग आवाज़ों का इस्तेमाल करें और पूछें “आगे क्या होता है?”
जिन बच्चों को पढ़कर सुनाया जाता है, वे समृद्ध शब्दावली के साथ स्कूल शुरू करते हैं और एक ऐसी बढ़त पाते हैं जो वर्षों तक रहती है।
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